VILAS
हमारे कई पालतू जानवरो से
बिमारी के कीटाणु हमारे शरीर में फैलते है, जिनमे बर्ड-फ्लू और ट्यूबरकुलोसिस याने टीबी जैसी बिमारी शामिल है।
हाल ही में एक और नयी मगर खतरनाक बिमारी ने पुरे दुनिया को घुंटनो पर ला दिया है, कोरोना-19 !
यह बिमारीया इंसान और जानवर दोनों के जिस्म के अवयव को काफी नुकसान पंहुचा सकते है। जानवरों से इन्सान को होनेवाली बिमारीयों को झुनोसिस (zoonoses) कहते है।
वैज्ञानिकों ने संशोधन से पता लगाया है की कुल १४ बिमारीया
है जो झुनोसिस वर्गीकरण में आते है। हर साल २२ लाख लोग दुनियाभर में झुनोसिस से मारे
जाते है।
लाइव सायंस के मुख्य संपादक जीना ब्रायनर के अपने लेख "Mapping of Poverty and Likely Zoonoses Hotspots,"में बताया है के यह बिमारीया और मौते मध्यम और कम आमदनी वाले लोगो के देशो मे ज्यादा पायी जाती है।
भारत के अलावा आफ्रिका के इथिओपिया, नाइजेरिया और टांझानिया आदि देशोमे इस बिमारी के और मौत के आकड़े काफी डरावने है।
लाइव सायंस के मुख्य संपादक जीना ब्रायनर के अपने लेख "Mapping of Poverty and Likely Zoonoses Hotspots,"में बताया है के यह बिमारीया और मौते मध्यम और कम आमदनी वाले लोगो के देशो मे ज्यादा पायी जाती है।
भारत के अलावा आफ्रिका के इथिओपिया, नाइजेरिया और टांझानिया आदि देशोमे इस बिमारी के और मौत के आकड़े काफी डरावने है।
टेपवोर्म्स से लेकर एवियन फ्लू तक कई बिमारीया है जो इंसान
और जानवरो के लिए जान का खतरा बनी है।" प्रमुख लेखिका और पशु चिकित्सा महामारी
विशेषज्ञ और International Livestock Research Institute (LIRI)-केन्या से जुडी खाद्य
सुरक्षा विशेषज्ञ डेलिया ग्रेस ने अपने एक वक्तव्य में कहा; 'वैश्विक स्वास्थ को अगर
सुरक्षित रखना है तो जिन देशो में यह महामारी सबसे अधिक है उन्ही को लक्ष्य बनाना चाहिए, साथ ही जिन इलाको में पशुपालन एक बहुत व्यापक व्यवसाय है और जहाँ १ अबज की जनसँख्या है, ऐसे देशोमे गरीबी का जो स्तर है उसे कम करना बेहद जरुरी है।
'नेचर' के २००८ की पत्रिका में झुनोसिस के नये केंद्र बिंदु अंकित किये हुए है जिसमे अमेरिका, पश्चिम यूरोप खास करके ग्रेट ब्रिटेन, ब्राज़ील तथा दक्षिण-पूर्व आशिया आदि देश है।
झुनोसिस की बिमारी का बढ़ता प्रभाव नए लोगोको अपनी गिरफ्त में ले रहा है। ये लोग या तो विषमय हुए है या दवा-प्रतिरोधी, याने इनका बदन पूरी तरह से टोक्सिक हुआ है।
झुनोसिस की बिमारी का बढ़ता प्रभाव नए लोगोको अपनी गिरफ्त में ले रहा है। ये लोग या तो विषमय हुए है या दवा-प्रतिरोधी, याने इनका बदन पूरी तरह से टोक्सिक हुआ है।
पशु-मानव रोग:
शोधकर्ताओं के अनुसार ७५% संक्रामक रोगों के उभरने के मामले और ६०% इंसानी बिमारीया, झुनोसिस से ताल्लुक रखती है। झुनोसिस से संक्रमित होने का माध्यम सूअर, मुर्गे, गाय -भैंस, भेड़-बकरिया और ऊंट आदि जानवर है। हालाकि कोरोना-१९ चमगादड़ से इंसान में संक्रमित हुआ है, ऐसा माना जात है।
संशोधन में पाया गया है के ५६ प्रकार के झुनोसिस की बिमारीयो में १४ किसम की बिमारीया इंसान की मौत, उसके बिमारी की गंभीरता और पशुपालन पर होने वाला उसका असर का कारण बनी है।
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यह है वोह १४ किस्म की बिमारीया:
1.
Zoonotic gastrointestinal disease
2.
Leptospirosis
3.
Cysticercosis
4.
Zoonotic tuberculosis(TB)
5.
Rabies
6.
Leishmaniasis
7.
Brucellosis (जो अधिकतर जानवर को संक्रमित करता है)
8.
Echinococcosis
9.
Toxoplasmosis
11. Zoonotic trypanosomiasis
12. Hepatitis E
13. Anthrax
14. Corona Virus Disease-2019 (COVID-19)
* २७% पशु में प्रदूषित अन्न के जरिये विष-बाधा होने से संक्रमित हुए है या तो पहले संक्रमित हुए थे। (zoonotic gastrointestinal disease)
* १२% पशुमे Brucellosis का संक्रमण पाया गया है।
* अफ्रीका के १०% पशु में trypanosomiasis की बिमारी पायी जाती है।
* ७% पशु में TB पाया गया।
* जो लोग छोटे पैमाने पर सूअर को पालते है उनमे १७% सुअरो को cysticercosis की बिमारी हुई थी ।
* तो २६% पशुओमे leptospirosis का इंफेक्शन हुआ था।
* २५% पशुओ मे भूतकाल में या जाँच के समय Q फीवर बिमारी पायी गयी।
संशोधकों का कहना है के ७५% गांव के गरीब लोग और ३०% शहरी गरीब लोग पशुधन पर अन्न, खत, आय या दूसरी सेवा के लिए निर्भर होते है।
संशोधक ने यह भी पाया है के इन झुनोटिक बिमारी से संक्रमित घर के सदस्य की अगर मौत हो जाती है तो वह कुटुंब बिखर जाता है। यही हाल दूध देने वाले मवेशी के निधन से उसपर निर्भर कुटुंब का होता है।
झुनोसिस की बिमारी जताते नए नकाशे से संशोधकों को अपना कार्यक्षेत्र कहा केंद्रित करना है यह तय करने मे सुविधा होगी।
झुनोसिस का सबसे अधिक प्रभाव भारत, इथिओपिया, नाइजेरिया आदि देशोमे पाया गया है।
इन्ही तीन देशो मे पशुधन पर निर्भरित सबसे अधिक लोग रहते है अौर जो बेहद गरीब है। और सबसे अधिक कुपोषित जनसँख्या इन्ही तीन देशो में पायी जाती है।
ग्रेस ने अपने वक्तव्य में आगे कहा, "हमें, हमारे इन निष्कर्षो के आधार पर झुनोसिस और गरीबी पर ध्यान केंद्रित करने में और उनकी स्थति बेहतर बनाने में आसानी होगी।
विवा
विवा
8796212032




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