जमैका के पास बसा पोर्ट रॉयल समुद्र में धँसा हुआ समुद्री डाकू का शहर :
पोर्ट रॉयल, किसी ज़माने में दुनिया का सबसे दुष्ट और पापी शहर कहलाया जाता था और जो शराब के लिए दुनियाभर में बदनाम था जब तबाही में डूब गया तब कई लोगो ने इस प्राकृतिक आपदा को उनके कर्मो का सही फल माना।
अंग्रेज और उनके समुद्री डाकू मित्र इस क्षेत्र में तुलना में नए थे। १४९४ में कोलंबस ने पहली बार इसे "आंखों देखा सबसे सुंदर द्वीप" घोषित किया तबसे जमैका स्पेनिश के कब्जे में था। सोने या अन्य इस्तेमाल करने लायक संपत्ति की कमी के कारण, स्पेनिश ने इसे काबिज किया मगर इसे अपने काम के लिए ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया।
यह १६५५ में जब क्रॉमवेल ने स्पेन का किला माना जाता हिस्पानिओला पर आक्रमण और कब्जा करने के लिए अंग्रेजी हमलावरों को भेजा, तब यहाँ अंग्रेजो की हुकूमत सुरु हुई। यह हिस्पानिओला उन दिनों स्पेन का बड़ा व्यापार केंद्र माना जाता था।
मगर क्रॉमवेल के लोग इस हिस्पानिओला को अपनाने में विफल रहे और कुछ नहीं तो भी जमैका ही सही सोचकर उसे स्वीकारा।
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| हिस्पानिओला मानचीत्र |
पोर्ट रॉयल जो जमैका के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है, और जो कुदरती बंदरगाह है, अंग्रेजो ने इसे अपना संस्कृतक केंद्र बनाया।
१६०० के शतक के अंत तक यह नई दुनिया के सबसे बड़े यूरोपीय शहरों में से एक बन गया था, जो बोस्टन के बाद दूसरे स्थान पर था। यह समुद्री लुटेरों, यौनकर्मियों और अंग्रेजों का कुख्यात घर भी बन गया। घर से दूर, उन्होंने गुलामो का व्यापार, चाय बागानों में मजदुर, और समुद्री लुटेरों द्वारा स्पेनिश के खिलाफ लूटपाट से लाए गए धन से अपना जीवन गुजरने लगे।
१६७५ में कुख्यात समुद्री डाकू हेनरी मॉर्गन लेफ्टिनेंट गवर्नर बने। वास्तव में, मॉर्गन ने खुले तौर पर चोरी पर नकेल कसना शुरू कर दिया क्योंकि उन्हें निजीकरण करना था। मगर भूकंप आने से ठीक चार साल पहले उनकी मृत्यु हो गई। ७ जून १६९२ की सुबह, द्वीप पर ७.५ तीव्रता के एक बड़े भूकंप आने का अनुमान लगाया गया था। शहर, इमारते, और सड़के बड़े पैमाने पर रेत से बनी थी, जिसकी वजह से समुन्दर के त्सुनामी का पानी पुरे शहर में भर गया और शहर के साथ सारे लोग भी जमीन के अंदर धंस गए। और जो भी शहर का भाग बचा था वोह धरती से गरम पानी के फवारे से ढह गया। अंत में, शहर की लगभग ३३ एकड़ जमीन पानी के नीचे गायब हो गई, पांच में से चार किले नष्ट हो गए या जलमग्न हो गए, और २००० जितने लोग मारे गए ! यहाँ तक हेनरी मॉर्गन का शव कब्र में से निकल कर लोगो की शव में घुल मिल गया।
जैसे ही पोर्ट रॉयल के विनाश की खबर फैल गई, इसे समुद्री डाकुओं और यौनकर्मियों के भद्दे व्यवहार, शहर के कुलीनों के ढोंग और धन, या पापों के लिए ईश्वरी प्रकोप माना गया।
पर लुटेरों का स्पेनिश जहाजों का लूटना अगले ५० साल तक चलता रहा। सन १७२० साल में जॉन “कैलिको जैक” रैकहैम जो एक सुधारवादी थे , उनको समुद्री डाकू के इशारे पर फांसी पर चढ़ा दिया था। तत्पश्चात कई बार इस शहर को आगजनी, भूकंप और झंझावात की मार झेलनी पड़ी। इसलिए अंग्रेजो ने इसे त्यागने सोची और यहाँ पर व्यापार बंद किया, और धीरे धीरे लोग वहां से निकलने लगे।
१९५१ में, पोर्ट रॉयल में जो बचा था वह चार्ली तूफान में नष्ट हुआ,और केवल कुछ पक्की इमारते खड़ी रही।
आज १७ वीं सदी के शहर के अधिकांश अवशेष ४० फीट तक पानी के नीचे डूबे हैं। १९०० के दशक तक आनेवाले सैलानियो ने लिखा या बताया की उन्होंने लहरों के नीचे शहरो के अवशेष देखे और कुछ अवशेष शेष इमारतों के छतों पर तैरते हुए देखने का डरावना अनुभव बताया।
१९५० के दशक से, गोतखोरोने डूबे हुए शहर की खोज और सूची बनाई। १९६९ में, एडविन लिंक ने १६८६ की एक पॉकेट घड़ी खोज निकाली जो ठीक ११ :४३ पर रुकी थी ।
हाल ही में टेक्सास के ए एंड एम विश्वविद्यालय में समुद्री पुरातत्व कार्यक्रम और जमैका नेशनल हेरिटेज ट्रस्ट ने पानी के नीचे पुरातात्विक परीक्षाएं आयोजित कीं, जो १९९० में ख़त्म हुई।
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| ए एंड एम विश्वविद्यालय |
उनके अभ्यास ने १७ वीं शताब्दी के जीवन की दुर्लभ कलाकृतियों को प्रकाशित किया। प्राकृतिक आपदा के कारण, जो इमारते बच गयी, उन पुरातात्विक चमत्कारी अवशेष की तुलना पोम्पेई से की गई और उन्हें १९९९ में एक नामित राष्ट्रीय विरासत स्थल रखा।
प्रतिबंधित पोर्ट रॉयल खंडहर क्षेत्र में गोता लगाने के लिए सरकार से विशेष अनुमति लगती है। इतने वर्षों में बरामद की गई कई वस्तुओं को किंग्स्टन में जमैका संस्थान में इतिहास और नृवंशविज्ञान के संग्रहालय में देखा जा सकता है।
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| इतिहास और नृवंशविज्ञान संग्रहालय |
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