आता तरी समोर या 2
चाहे हो आगमन
या हो तेरा गमन
दिलमे सदा रहे तेरा ही आसन ॥
या हो तेरा गमन
दिलमे सदा रहे तेरा ही आसन ॥
चाहे हो आगमन ||
दुनियामे कितने है पापी जीते
दुनियामे कितने है पापी जीते
दुनियामे कितने है पापी जीते
पावनको क्यों मैं देखु पिडीते
कहते है तुझको सब विघ्नहर्ता
कहते है तुझको सब विघ्नहर्ता
कहते है तुझको सब विघ्नहर्ता
कैसे डोले फिर तेरा सिंघासन ॥१॥
चाहे हो आगमन ||
न थे रे तुम मेरे घर मे मेहमान
न थे रे तुम मेरे घर मे मेहमान
फिर क्यू थे मेरे दु:ख से अंजान
तुम ही तो हो मेरे जीवन की शक्ति
तुम ही तो हो मेरे जीवन की शक्ति
किया मैने हर दु:खो को प्राशन ॥२॥
न थे रे तुम मेरे घर मे मेहमान
फिर क्यू थे मेरे दु:ख से अंजान
तुम ही तो हो मेरे जीवन की शक्ति
तुम ही तो हो मेरे जीवन की शक्ति
किया मैने हर दु:खो को प्राशन ॥२॥
चाहे हो आगमन ||
जीवन के संकट को तू ही तो हरता
जीवन के संकट को तू ही तो हरता
शुभ कामों को भी तू पार है करता
तेरे ही आंस पर चलती है दुनिया
तेरे ही आंस पर चलती है दुनिया
दुनिया ने माना है तेरा ही शासन ॥३॥
चाहे हो आगमन ||
क्रुपा करो हम पर ओ कृपाकर
क्रुपा करो हम पर ओ कृपाकर
सबके लिये हो दया का सागर
मेरी नैया का तू बन खिवैया
मेरी नैया का तू बन खिवैया
तुझमे ही पाया है मैने अपनापन ॥४॥
चाहे हो आगमन ||
वि वा
८७९६२१२०३२

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