Thursday, August 20, 2020

नया जीवन! Chance to Change.भाग २

CHANCE TO
CHANGE !! 👍

आज इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बिच निर्णायक वन डे सीरीज है। आप दोस्तो के साथ स्टेडियम जा रहे हो,आपके मन में अजीब सी खुशी है। क्यूंकि न सिर्फ आपको भारत के और ऑस्ट्रेलिआ के क्रिकेटर देखने मिलेंगे पर इस निर्णायक मैच के आप साक्षीदार होंगे ! बड़ा मजा आने वाला है, जल्दी से टिकट लेकर दोस्तों के साथ स्टेडियम में बैठना है, कोल्ड ड्रिंक, पॉपकॉर्न, व्वा आज तो मजा आएगा !

मगर स्टेडियम पहुंचते ही आपको पता चलता है के वहा टिकट लेने के लिए आपको एक छोटीसी पर्ची चाहिए ! !
जी हा, एक छोटीसी पर्ची ! जिसे लेकर लोग लाइन में है ! पूछने पर पता चला की वो छोटीसी पर्ची एक हेल्थ सर्टिफिकेट है, कोरोना की वजह से यह हेल्थ सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है !!

"ओ तेरिकी! " आप के मुँह से अनायास ही आवाज निकली ! सारा जोश ठंडा पड़ गया, मनमे उदासी के बादल छाए ! ऐसे लगा सारी खुशिया एकाएक छू हुई! सारे दोस्त गलियां देने लगे, कोरोना को कोसने लगे !

जी हा, कोरोना ! जिसने दुनिया भर में कोहराम मचाया है, हमारे जीवन पर क्या प्रभाव डाल रहा है , क्या क्या जीवन में बदलाव आने वाले है, इसकी चर्चा हमने निचे दिए हुए लिंक में की थी।

https://vijayguptsut.blogspot.com/2020/04/blog-post_28.html       

अगर आप को यह पढ़ते समय कोई फ़िल्मी स्टोरी लग रही है तो आप गलत सोच रहे है।

आपके शैक्षणिक सर्टिफिकेट के साथ साथ अब हेल्थ सर्टिफिकेट भी अनिवार्य होगा। अपने ही देश में, कही भी जाने के लिए, किसी भी जगह को भेट देने के लिए यह हेल्थ सर्टिफिकेट अब मानो लोकल पासपोर्ट बन जायेगा ! एक अनिवार्य कागज ! जिसे दिखाना ही पड़ेगा, इंकार नहीं कर सकते !

एक कागज जो प्रमाणित करेगा के आप ने कोरोना की वेक्सीन लगवाई है। फिर चाहे आप को ट्रेन में जाना हो, थियेटर में जाना हो, स्कुल-कॉलेज जाना हो, अस्पताल जाना हो, कही भी जाने के लिए यह कागज दिखाना है , हम कागज नहीं दिखाएंगे ऐसा अब नहीं कह सकते !

आप के घर जबरन पोलिस या पैरामेडिकल स्टाफ घुसकर आप को टिका नहीं लगाएगी, बल्कि पोलिस और कई स्वस्थ पॉलिसी एक्सपर्ट स्थानीय सरकारों द्वारा वैक्सीन जनादेश को लागू कर सकते है। और यह देश के कई संस्था, स्कुल, अस्पताल,खेल मैदान, जिम,थियेटर आदि सभी जगह लागु होगा, ऐसी कोई जगा नहीं होगी जहा यह लागु नहीं होग। आपके प्रार्थनास्थल पर भी।

क्यूंकि अगर एक व्यक्ति भी कोरोनाग्रस्त निकला तो वो कई लोगो को अपनी चपेट में ले सकता है !

अमेरिका में, अधिकांश वैक्सीन आदेश सरकार से आते हैं। टीकाकरण प्रथाओं (Advisory Committee on Immunization Practices - ACIP) पर सलाहकार समिति बाल चिकित्सा और वयस्क दोनों के लिए टीकों की सिफारिशें करती है, यह शासनादेश आमतौर पर पब्लिक स्कूल की उपस्थिति से सम्बंधित होते हैं।

तो दूसरी तरफ, एडल्ट वैक्सीन जनादेश - कर्मचारी और जनता खुद को टीका लगाने के लिए मजबूर किया जाता हैं।

मिसाल के तौर पर, सन १९०१  में मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज में एक कानून अपनाया गया, जिसमें २१ वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों को चेचक के खिलाफ टीकाकरण अनिवार्य  किया गया।

इसका पालन न करने पर पांच डॉलर, जो आज के दिन १५० डॉलर के बराबर है, दंड किया जाता था। और जिन्होंने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की, उसे खारीच किया गया !

जैसे कपडे और जुते अनिवार्य है वैसे टीकाकरण भी अनिवार्य है। चाहे सैन्यदल हो या स्वस्थ सेवा केंद्र, अमेरिका में पर्टुसिस, चेचक, खसरा, कण्ठमाला, और रूबेला (MMR) जैसी सारी खतरनाक बीमारियों का लसीकरण किया जाता है। अस्पताल उनके कर्मचरियों को अतिरिक्त लसीकरण करवाते है और कानुनन सभी एम्प्लॉयर्स अपने सभी कर्मचारी का लसीकरण करवाते है, बिना उसके आदमी को नौकरी नहीं मिलती । 

उसी तरह होटल, सैलून, थियेटर, मॉल या रेस्तरां में कोई भी कर्मचारी बिना जूतों के या बिना कमीज के काम पर नहीं आ सकता।

कोविड-१९ की दवा आने पर सरकार को उन सभी बिजनेस संस्था पर टीकाकरण के कड़े नियम लागु करने पड़ेंगे।

किराना दुकान, केमिस्ट की दुकान, कोफ़ी शॉप, जहा स्टाफ कई लोगोके संपर्क में आते है, उनपर टीकाकरण करवाना मेंडेटरी मतलब अनिवार्य होगा।     

यह मालिक की जिम्मेदारी होगी के उसके ऑफिस, दुकान को निर्जन्तुक रखे और कोई भी छूत की बीमारी न फैलाये।

आम जनता को भी लसीकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

"जनादेश लागू करने का सबसे अच्छा तरीका- लोग अगर जनादेश मानते है तो उन्हें अधिक स्वतंत्रता के साथ पुरस्कृत करना चाहिए "

आर्थर कैपलन, जो न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन में एक जैवविज्ञानी है, कहते है। "टिका लगाने का सर्टिफिकेट आपको स्टेडियम में प्रवेश करने की इजाजत देता है, क्यूंकि आपने देश के प्रति एक नेक काम किया है!

आर्थर कैपलन आगे कहते है, "और कल्पना कीजिये, की लोग आपको यह कहने लगे की अगर तुम्हे मेरे रेस्तरॉ में आना है, मेरे जिम में आना है या मेरे बॉलिंग एलाय में आना है, तो तुम्हे टिका लगाना पड़ेगा ! वर्ना सोरी !"

भविष्य में कोई महामारी आयी तो उससे बचने के लिए आपको बूस्टर शॉट भी पहले से लगवाने पड़ेंगे ! 
य्वोंने मालडोनाडो, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक स्वास्थ्य नीति के प्रोफेसर ने, चेतावनी देते कहा है कि कोई भी कोविड-१९ वैक्सीन स्थायी प्रतिरक्षा को प्रभावित नहीं कर सकती है और इसे लगातार बूस्टर की आवश्यकता हो सकती है। और इसलिए यह मैंडेट में शामिल करना होगा के हर किसीने बूस्टर शॉट लगवाया है, उसे उसके कागज दिखाने पड़ेंगे !

प्रमाणित टीकाकरण :

आज के दिन अगर आपको UAE के किसी हवाई जहाज में दाखिल होना है तो आपको कोविड-१९ का नेगेटिव प्रमाणपत्र देना पड़ता है।

वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद, एयरलाइंस कोविड-१९ टीकाकरण प्रमाणपत्रों की आवश्यकता वाले व्यापक नियमों को लागू कर सकती हैं।

हेस्टिंग्स कॉलेज ऑफ लॉ के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य और वैक्सीन कानून के प्रोफेसर डोरिट रुबिनस्टीन रीस कहते है : 'पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए संघीय कानूनों को कोविड -१९  वैक्सीन के प्रमाण की आवश्यकता हो सकती है, जो आपके टीकाकरण की स्थिति दिखाते हुए एक प्रतीक या बैच प्रदर्शित करेगा।'

आपके गाडी के ड्रायवर को भी कुछ ऐसा ही बैच या प्रतिक दिखाना पड़ेगा। बिजनेस संस्था या फैक्टरी में भी स्टाफ या कामदार को कोविड-१९ का बिल्ला लगाना पड़ेगा। और सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आपके डॉक्टर का प्रमाणपत्र भी जरुरी होगा।

"शायद एक वक़्त ऐसा भी आएगा जहां हमें अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए प्रतिरक्षा के सबूत पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता पड़ेंगे।" लॉरेन ग्रॉसमैन, कोलोराडो डेनवर विश्वविद्यालय में आपातकालीन चिकित्सा के प्रोफेसर मानते हैं।

आज की तारीख में डेढ़सौ से भी ज्यादा कोविड-१९ की लस का शोधकार्य प्रगतिपर है।

अमेरिका में इसका दाम फ्लू वैक्सीन जितना हो सकता है। इस टिके को आम नागरिक को अपने खर्चे पर, अपना समय निकाल कर लगवाना पड़ेगा। अन्य देशो में वहा की सरकार तय करेगी कैसे करना है।

अमेरिका में हाल ही में किये गए गेलोप सर्वेक्षण में पाया गया है की अगर सरकार इस टिका का वितरण मुफ्त भी करे तो भी ३५% नागरिक इससे वंचित रहेंगे ! इसकी वजह इसका विरोध नहीं लेकिन इसे लेनेमें लोगोमे संकोच अधिक मात्रा में दिखाई दिया !

इसकी वजह ये है की बच्चोकी लसीकरण की मात्रा घटती जा रही है। लोगो में ग़लतफ़हमी है के MMR की लसीसे बच्चोमे ऑटिज्म पाया गया है, मगर यह केवल ग़लतफहमी है,और वहा ग़लतफ़हमी मुश्किल से दूर होती है ! ।   

अमेरिका में कोविड-१९ टीके के खिलाफ मुहीम भी बढ़ने लगी है, जब की वेक्सीन पर अभीभी संशोधन चल रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन जनादेश, समूहों का आक्रमक लक्ष्य बन सकता है, इसीलिए विशेषज्ञ कहते हैं कि वे रिकॉर्ड गति से जिसका विकास या संशोधन हो रहा है उस वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता से वे चिंतित हैं।

जो लोग संभावित कोविड-१९ वैक्सीन के बारे में संकोच व्यक्त करते हैं, वे अक्सर कहते हैं कि उनकी सबसे बड़ी चिंता खुदकी सुरक्षा है, इससे हम पर कई बुरे साइड इफेक्ट्स हो सकते है ।

यही लोग कुछ अमेरिकियों को टीकाकरण से दूर कर सकते है।

"लेकिन अगर कोविड-१९ टीका सुरक्षित साबित होता है, तो मुझे लगता है कि अधिकांश लोग इसे चाहेंगे," कैपलन कहते हैं।

"और जब अधिकांश लोगों को यह टिका चाहिए तो इसे क़ानूनी अनिवार्य बनाने की जरुरत नहीं पड़ेगी , लोग सामने से इसे लेंगे।" कैपलन आगे कहते हैं ।


V वा






1 comment:

Heart4Art22093 said...

Corporations have instructed Co-operative Housing societies to get health certificates of the new incoming tenant.