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बेटी : " WOW मम्मी !!! कितना विशाल पेड है ये!
और इसकी हर शाखाये तो देखो ! मानो जैसे कोई अलग पेड हो ! Simply amazing!"
माँ : "हा ! बिलकुल अपने स्टेट बँक ऑफ इंडिया की तरह।"
बेटी: "वो कैसे माँ ?"
माँ, बरगद के पेड की तरफ गर्व से देखकर:
"हमारी स्टेट बँक भी इसी बरगद के पेड की तरह विशाल है। सबसे बडी बँक !
देश भर मे एसबीआय की २४ हजार शाखाये फैली हुई है, इन फैली हुई शाखो की तरह !
इतना ही नही दुनिया के ३५ देशो मे इसकी १९० ऑफिसे भी है !"
माँ : "हा ! बिलकुल अपने स्टेट बँक ऑफ इंडिया की तरह।"
बेटी: "वो कैसे माँ ?"
माँ, बरगद के पेड की तरफ गर्व से देखकर:
"हमारी स्टेट बँक भी इसी बरगद के पेड की तरह विशाल है। सबसे बडी बँक !
देश भर मे एसबीआय की २४ हजार शाखाये फैली हुई है, इन फैली हुई शाखो की तरह !
इतना ही नही दुनिया के ३५ देशो मे इसकी १९० ऑफिसे भी है !"
बेटी: "हा, तो"
जिस तरह बरगद का पेड हमारी सासो के लिये लगातार ऑक्सिजन देता है ठिक उसी तरह एसबीआय हमे आर्थिक ऑक्सिजन देती है।
बेटी " आर्थिक ऑक्सिजन? मतलब ?"
जिस तरह बरगद का पेड हमारी सासो के लिये लगातार ऑक्सिजन देता है ठिक उसी तरह एसबीआय हमे आर्थिक ऑक्सिजन देती है।
बेटी " आर्थिक ऑक्सिजन? मतलब ?"

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