लाना अत्याचार पर बिंदू
न सोचना अब परंतू-किंतू
बिखरोंको अब साथ गीन तू
पर अब लाना नयी ऋत हिंदू ||1||
न सोचना अब परंतू-किंतू
बिखरोंको अब साथ गीन तू
पर अब लाना नयी ऋत हिंदू ||1||
शेरदिल तू चल जमाना है साथमे
मेरा हाथ थामकर चल अपने हाथमे
खोयी हुई मंजिल पाना एक दिन तू
तभी तो तू लायेगा नयी ऋत हिंदू ||2||
मेरा हाथ थामकर चल अपने हाथमे
खोयी हुई मंजिल पाना एक दिन तू
तभी तो तू लायेगा नयी ऋत हिंदू ||2||
बदलाव ही जीवन है अब जान ये हीत तू
और बनाले खुदी को अपना मनमीत तू
कारवाँ बनता जायेगा बदल ये सीन तू
और बनाले खुदी को अपना मनमीत तू
कारवाँ बनता जायेगा बदल ये सीन तू


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