जियो 100% सेफ
सुबह का समय:
संजना बेटे अभिजीतको, स्कुलके लिये तैयार करती है।
"अभि. . . जलदी करो! देर हो जायेगी! तुम्हारा पहिला सब्जेक्ट मेथ्सका है!
पता है लाईफमे मेथ्स कितना जरुरी होता है?"
अभिजीत: " मम्मी! आराम से खाने दो न प्लिज! !
अभी भी आधा घंटा और है बाकी!
और वैसे भी हम स्कुटीसे ही तो जा रहे है. आsssरामसे पहुचेंगे"।
"हा हा ! जैसे स्कुटी न हो कोई रोकेट हो !" माँ ।
"चलो अब हाथ-मुह धोलो और जल्दीसे अपना बेग लेकर बाहर आ जाओ.
तब तक मै तुम्हारा ये.....रोकेट स्टार्ट करती हु, ठीक है !"।
तब तक मै तुम्हारा ये.....रोकेट स्टार्ट करती हु, ठीक है !"।
संजना स्कूटी निकालती है. अभिजीत स्कुलबेग कंधेपर रख कर बाहर आता है।
"चलो! पेंसील! नोटबूक. . ."
"वर्कबुक! टेक्सबुक! स्केल! सब लिया, सारी तैयारी कर ली। " अभिजीत माँको बीचमे ही रोक कर उसकी बात पूरी करता है।
" मेरा होशियार बच्चा !" माँ बड़े प्यार से बेटे की पप्पी लेती है।
" मेरा होशियार बच्चा !" माँ बड़े प्यार से बेटे की पप्पी लेती है।
और फिर संजना उसे सीटपर बैठने कहती है, और हेल्मेट पहनने जाती है। (कोटक लाइफ इन्शुरन्स डिझाइन वाला )
"माँ ! मैने तो मेरी सारी तैयारी की, पर क्या तुमने मेरी तैयारी की?" अभिजीत ने बडी मासुमीयत से पुछा !
संजना कुछ चौंककर बोली, "क्या मतलब? मै कुछ समझी नही, कहना क्या चाहते हो? !"
संजना कुछ चौंककर बोली, "क्या मतलब? मै कुछ समझी नही, कहना क्या चाहते हो? !"
"पापा और तूम हमेशा कहते हो की मै आप दोनो का लाडला हू, है ना? "
संजना अभी भी कंफ्युज है।
संजना ने पूछा, "क्या हुआ? आज ऐसे क्यु बोल रहे हो? कुछ चाहिये क्या? "
"हा!"
"क्या ?"
"हेल्मेट!"
"हा हा हा हा, अभि! अभी भी निंद मे हो क्या? दिखाई नही देता मेरे हाथ मे है ?
वैसे अच्छा लगा तुम्हे मेरी फिकर देख कर, आय लव्ह यु!"
"अगर आप दोनो मुझे वाकइ मे इतना प्यार करते हो, मेरे लिये सब कुछ कर सकते हो, तो सिर्फ एक ही हेल्मेट क्यू? मेरा वाला कहा है?"
अभिजीत अपनी मासूम आंखोसे पूछता है।
BACKGROUND VOICE:
अगर हम हमारे बच्चोंके लिये जीते है
वि वा ८७९६२१२०३२



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