Thursday, February 22, 2024

वह सुबह कभी तो आएगी - आ गयी !!

                                                                      कश्मीर!


जिसे धरती पर स्वर्ग कहा जाता है।  

पिछले ३-४ दशक से जब भी इसका स्वर्ग का ख्याल हमारे दिमाग में आता था तो मन कष्ट से भर जाता था।  क्यूंकि, इस काल खंड में केवल ही केवल रक्तरंजित इतिहास ही जम्मू कश्मीर की पहचान बनाई गयी थी, जिसमे पडोसी मुल्क पाकिस्तान की लगातार होती आयी आतंकी कारवाई, और  स्थानीय सरकार  तथा उस वक़्त के मौजूदा केंद्र सरकार के दुखद और दुर्भाग्यमय अप्रत्याशी सहायता की अजब सी मानसिकता भरी सोच ने कभी इस धरती का स्वर्ग कहलाये जाने वाले कश्मीर को नरक में बदल दिया। 

यही मानसिकता बदलने के लिए, और जम्मू कश्मीर की जनता को उज्वल भविष्य की और ले जाने के लिए वोह सुवर्ण सुबह आज २० फेब्रुअरी, २०२४ को मौजूदा केंद्र सरकार ले आयी। 

कल तक, भूतकाल कि सरकारों के झूठे वादे, झूठे सपने थे, और सिर्फ आतंक और खून खराबा था, बच्चो का भविष्य अंधकार में था, नौजवानो के हाथ में  हत्त्यार और पथ्थर थे।  

आज आँखे खोलने वाली तरक्की की हकीकत कि सौगादे मोदी जी कि सरकार जम्मू कश्मीर कि जनता के लिए लाई है।      

आज २० फेब्रुअरी, २०२४ को प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत-विकसित जम्मू कार्यक्रम के  सर्वांगीण विकास के लिए रुपये ३२,००० करोड़ मूल्य की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओंका लोकार्पण, उद्घाटन तथा शिलान्यास रखा। 

जिसमे शिक्षा तथा तरक्की के नए प्रशिक्षण के लिए डिग्री कॉलेज, (ऐइम्स, जम्मू ), रोड- रेल प्रोजेक्ट्स, जिसमे शामिल है रेलवे का दुनिया में सबसे ऊँचा चेनाब रेलवे पुल, और सबसे ऊँचा केबल स्टे रेल पुल,  यह सभी उधमपुर-बारामुल्ला-श्रीनगर रेल परियोजना का हिस्सा है उसमे से ४१.१ कि मि फैले बनिहाल -खरी -सुम्बर -संगलदान खंड में रेलवे परिचालन का उद्घाटन किया गया,  इसके अलावा बारामुल्ला -श्रीनगर - बनिहाल -संगलदान खंड का १८५.६६ कि मि लम्बे रेलवे का विद्युतीकरण, जिसमे शामिल देश कि सबसे लम्बी पीर पंजाल रेलवे टनल, जो ११.२१ कि मि लम्बी है।  

इसके अलावा जम्मू का नया एयरपोर्ट टर्मिनल,  दिल्ली अमृतसर कटरा एक्सप्रेस-वे के ४ लेनवाला फेज २ के अंतर्गत श्रीनगर रिंग रोड का शिलान्यास, श्रीनगर उरी बिच १६१ कि मि लम्बे NH ०१ के महामार्ग का उन्नयन याने अप ग्रेडेशन, एक्सप्रेस वे , महामार्ग के उद्घाटन, लोकार्पण तथा शिलान्यास आदि कार्यक्रम शामिल है।  यही नहीं, अस्पताल, बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली आदि परियोजना भी शामिल है।  

 टेररिज्म हटाओ टूरिज्म बढ़ाओ  यह सन्देश श्री मोदीजी ने जम्मू कश्मिर के युवा को दिया।


याने तरक्की के कई नए रास्ते, साथ में सुरक्षा का भी ख्याल करते हुए इन सारी परियोजना पर केंद्र सरकार काम कर रही है। 



       

 






 





इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट कि ३ शाखाये जम्मू, बोध-गया और विशाखापट्टनम का भी उद्घाटन किया गया 

इन ढांचागत सर्वांगीण विकास के लिए मौजूदा सरकार जो जोर लगा रही है, उससे देश का सर्वांगीण विकास हो रहा है।  

IIT-भिलाई , IIT-तिरुपति , IIT-जम्मू का भी उद्घाटन किया गया  


देश कि अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। क्यूंकि जिस देश कि अर्थव्यवस्था मजबूत है वही दुनिया में शक्तिशाली देश बनता है।  


केवल अणुबॉम्ब और जज्बे के दम पर देश कुछ नहीं कर सकता, जिसका उदाहरण है हमारा पडोसी मुल्क पाकिस्तान, जो हमारे साथ ही आझाद हुआ था। 

मगर लगातार आतंकवाद को पनाह देना, दुनिया से लिया हुआ कर्जा उन्हें भारत में उपद्रव फ़ैलाने के लिए इस्तेमाल करना, बार बार लश्करी शासन लागु करके लोगो कि चुनी हुई सरकार को गिराना, आतंकवादियों को पनाह देना, उनसे हाथ मिलाना, केवल गुमराह करने वाले और हकीकत से आँखे चुराने वाले धर्म को ही महत्त्व देना, वतन को दुय्यम स्थान देना, विज्ञानं से परे हटना, देश हित कि निति अपनाने के बजाय केवल भ्रष्टाचार का ध्येय रखना, अमल करना, खुद से भी बेईमानी करना, मदरसा के जरिये हकीकत से परे और केवल गलत धार्मिक बातो से पीढ़ियों को भटकाना और हमेशा भारत से नफरत करना आदि कई बातो कि वजह से आज पाकिस्तान कि आर्थिक और सामाजिक स्थिति चरमरा गयी है।  दशकों से विश्व भर से कर्जे लेकर, गजवा ए हिन्द और भारत के पास मौजूद कश्मीर को हासिल करने के गुमराह करने वाले सपने दिखाकर वहा के सत्ताधारियों ने देश कि दशा दयाजनक कर दी है।   

पाकिस्तान कि और एक बड़ी समस्या है।  

वहा का सैनिक साशन लोकशाही का गला घोटता आया है। लोगो कि छोटी छोटी जरूरियात कि चीजों से लेकर, जमीन कारोबार, शस्त्र खरीदी आदि महत्व पूर्ण व्यापार अपने हाथो में पकडे बैठा है।  यह व्यवस्था पाकिस्तान के स्वतंत्र होने से आज तक जारी है।  इस तरह पाकिस्तान लश्कर के हाथो में जकड़ा हुआ है। लोकशाही, चुनाव, प्रधानमंत्री यह सब एक कटपुतली का खिलौना जैसा है।  लोगोंका आक्रोश बढ़ा तो चुनाव करते है।  पंतप्रधान का चयन हो गया तो उसका कार्यकाल दो ढाई साल जितना चलेगा, इस दौरान अगर उसने भारत से हाथ मिलाना चाहा तो उसका तख्ता पलट निश्चित है।  

भारत विरोधी निति इतनी कि बच्चो को स्कुल में भारत से नफरत करना सिखाया जाता है।  भारत कि अर्थव्यवस्था चरमरा जाए इसलिए भारत कि जाली नोट छपवाना और उन्हें नेपाल के रास्ते भारत में बाटना, यही पाकिस्तान करता आया, जिसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदीजी ने पहले तो नोटबंदी कराई, जिससे कश्मीर में तुरंत पथ्थरबाजी रुक गयी।  भारत के नोटबंदी ने भारत कि अर्थव्यवस्था कुछ हद तक बुरा असर हुआ, लेकिन उससे ज्यादा बुरी स्थिति पाकिस्तान कि हुई।  

इन सारी विध्वंसक गतिविधियों के लिए जम्मू कश्मीर पाकिस्तान के लिए सब से पसंदीदा प्रान्त था।  वे जानते थे कि यहाँ मुस्लिम कौम बहुसंख्यांक है, और राज्य सरकार भी पाकिस्तान के पक्ष में और भारत के विपक्ष में काम कर रही थी।  

 पाकिस्तान ने भारत को आर्थिक रूप से तोड़ने की कोशिश में खुद के देश की नोट की जरुरत से ज्यादा भारतीय नोट की नकली आवृत्ति छपाई। 
पर आज यह आलम है की पाकिस्तान की अपनी अर्थव्यवस्था टूटी हुई है और हमारी विश्व में पांचवी अर्थव्यवस्था बन गयी है। 

कांग्रेस की हैरान करने वाली निति जहा कश्मीरी अलगावाद को प्रोत्साहन करना, एक तरह से देशद्रोही निति दिखती है।  २६ / ११ के मुंबई आतंक के वक़्त जब कसाब पकड़ा गया और बाकी आतंकी मारे गए और सैन्य की करवाई ख़त्म हुई तब कांग्रेस ने इसका बदला लेने की बात करने के बजाय अब सब कुछ नार्मल है ऐसा बयां देकर लोगों में रोष पैदा किया।  

यह बाते दिखाती है कि दुसरो से सिर्फ नफरत करोगे तो खुद मिट जाओगे।

आज आतंक और हिंसा से सबसे ज्यादा कोई राज्य जला है तो वह है कश्मीर ! 

इसलिए मोदी सरकार से धरा ३७० और ३५ A को हटाय। 

तो इस तरह से मोदीजी की सरकार ने बाजी पलट दी।

अब राज्य की चतुरंगी तरक्की के लिए केंद्र सरकार काम कर रही है।  

७६ साल कश्मीरी जनता को मुलभुत सुविधा से स्थानीय सरकार और कांग्रेस जैसी माजी और कुछ अन्य केंद्रीय सरकार ने वंचित किया।  बड़े दुःख की बात है। 

यही हाल पूर्वोत्तर राज्य की सात भगिनी राज्य मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, आसाम , नागा लैंड, और मणिपुर का है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख कि तरह इन पूर्वोत्तर राज्यों में भी कांग्रेस ने सौतेला जैसा व्यवहार किया, उपेक्षा कि।

अरुणाचल प्रदेश में तो चीन ने कब का मालिकी का  दावा ठोका था, जो चीन की आंतराष्ट्रीय अतिक्रमण निति का हिस्सा है।  पर मोदीजी की सरकार ने विदेशी पर्यटकों को वहा बुलाकर दुनिया को दिखाया कि यह प्रान्त भारत का हिस्सा है इसलिए विदेशी सैलानियों को भारत सरकार वीजा दे रही है।  यह सरकार कि चतुर निति, देश ने युनो में भी प्रस्तुत कि ताकि युनोको और विश्व स्तर पर लोगोंको यह यकीन हो जाये कि अरुणाचल प्रदेश भारत का ही हिस्सा है। 

यहाँ मौजूदा बीजेपी की केंद्र सरकार ने इन राज्यों की सभी राजधानी को ट्रैन से जोड़ने का कार्य आरम्भ किया। 
साथ में अरुणाचल प्रदेश में हाईवे एक्सप्रेसवे बनाना आरम्भ किया ताकि हमारे सैनिक जल्द सीमा पर पहुंच सके।  
आपको बता दे की चीन सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश के आंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक का क्षेत्र जो तिब्बत कहलाता है वहा ढेर साडी बुलेट ट्रैन का जाल बिछा चुकी है।  यह पूरी तरह से हिमालय का पहाड़ी इलाका है जहा आम तौर पर लोगोंकी बस्ती कम ही होती है, तो ऐसे में इतनी सारी बुलेट ट्रैन को चलाने का एक ही मक़सद है और वह है जल्द से जल्द सैन्य और शस्त्र सीमा पर पहुंचाया जाय। भविष्यमें , आर्थिक रूप से यह प्रोजेक्ट चीन को घाटा ही कराएगा।  क्यूंकि लोगोंकी बड़े पैमानों पर और निरंतर आवाजाही ही ट्रैन को मुनाफा करा सकती है।  

इस मानचित्र में साफ़ दिख रहा है की चीन के तिब्बत के इलाके में अपना बुलेट ट्रैन का कैसे जाल बिछा चुकी है, जो भारत की सीमा के बिलकुल करीब है, जो चीन के अतिक्रमण के इरादे स्पष्ट साफ़ दिखा रहा है।  
   
चीन अपनी अतिक्रमण निति कभी सीधे सीधे तो कभी पाकिस्तान जैसे देश की आड़ में अपना रहा है। 
कांग्रेस ने लदाख की कई जमीन चीन को बेचने का भी आरोप लगाया जा रहा है। 
 
यही वजह है की वर्तमान सरकार कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में इतना सारा पैसा लगा रही है।
शिक्षा तथा उच्च कौशल्य प्रशिक्षण के लिए आय आय टी जम्मू , स्वास्थ के लिए AIIMS जम्मू , नया आंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा, विद्युत् ट्रैन, एक्सप्रेसवे, हाइवे, ईंधन के लिए सामान्य उपयोगकर्ता की सुविधा के लिए एक लाख किलोलीटर की क्षमता वाला पेट्रोल पंप जिसमे मोटर स्पिरिट (MS), हाई स्पीड डीजल  (HSD), सुपीरियर केरोसिन आयल  (SKO), एविएशन  टरबाइन  फ्यूल  (ATF), इथेनॉल , बायोडीजल और विंटर  ग्रेड HSD आदि का भंडार होगा।

इसके अलावा ३१५० करोड़ के कई इंफ्रास्ट्रक्टरल प्रोजेक्ट्स भी शुरू हो रहे है।  

अब जम्मू कश्मीर, एक संतुलित विकास की ओर बढ़ेगा ।

कश्मीर के सारे प्रोजेक्ट्स का बजट ३२५०० करोड़ रुपये है। 

इतनी निवेश से आने वाले सालो में जम्मू कश्मीर में यक़ीनन उच्च स्तर का विकसित राज्य होगा।  कई देश भी यहाँ निवेश कर रहे है और नए निवेश भी आ रहे है। जिससे न सिर्फ इस राज्य को फायदा होगा, पर भारत देश को भी तरक्की, खुशहाली और सुरक्षित देश बनाएगा। 

    
जय हिन्द!